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दहेज की आग में झुलसते रिश्ते पर एक कविता हिंदी में // दहेज की आग// बाबुल का घर आंगन छोड़के घर पिया के चली आई थी नैनों में थे …
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नदी पर एक कविता हिन्दी में नदी झर झर बहती पुण्य सलीला समेट खुद में असंख्य लीला मोक्ष देती मोक…
Read moreएक दर्द भरी कविता// कुछ प्रेम निशी थी वो बड़ी सुहानी मौसम की वो बड़ी मनमानी मिले जब दो दिल दीवाने गाते गुनगुनाते कुछ तराने वो गल…
Read moreप्रभु श्री राम पर एक कविता।। दिल में बसे सियाराम दिल में बसे सियाराम चरणों में जिनके शीश झुके वही तो करुणा के धाम हैं मन दर्पण …
Read moreएक रोमांटिक कविता हिन्दी में // गुनगुनाती धूप ***** गुनगुनाती धूप ***** गुनगुनी धूप चमक सूरज की गुनगुनाती दमक च…
Read moreएक प्रेम भरी प्यारी सी कविता हिन्दी में // संग तेरे // पवन तू है किस ओर चली संग तेरे में भी बढ़ चली जाने कौन सा देश मेरा तिमिर स…
Read more**** दूर सितारे**** कितने दूर ये सितारे हैं नयनों को जो भी प्यारे है जल रहा यूं दीपक फिर भी सदन में अजब नजारें है जगमगाता …
Read moreएक दिल छू लेने वाली कविता //हाँ मैं बदल रही हूँ धीमे धीमे नियति से उठती तेज गति से आगे बढ़ती मैं इक कदम बढ़ा रही हूँ हाँ मैं बदलती जा रह…
Read more***मेरे शब्द*** आईना मेरे शब्दों का बना अनुपम संसार रच रहे ये सृष्टि मेरी करते मेरा विस्तार शब्द भाव में अंतर होता…
Read moreभालू और बंदर एक प्यारी सी बाल कविता भालू आया भालू आया मोटा मोटा भालू आया राधा देखो मोहन देखो काला काला भालू आया उसके …
Read moreजब कोई बार-बार दुखद अतीत की याद दिलाता है, तब बहुत तकलीफ पहुंचती है।हम फिर से उसी जगह पर आ जाते है जिसे हमने बहुत पीछे छोड़ दिया था 1. *सीमाएं…
Read moreएक रोमांटिक सी कविता !! शेष रात है !! न पूछना कितनी शेष रात है बीत गई अश्क संग बरसात है आये बदरा घिर घिर सारे अधूरी …
Read more****याद मेरी आये**** जब याद मेरी आये तो इक बार प्यार से बुला लेना मैं मिलूंगी तेरे पास ही आहिस्ता से नजर उठा लेना गर ना मिले यूं सुकून…
Read more****कुछ बात करूँ**** तन्हाई में कुछ बात करूँ भीड़ बहुत है तेरे शहर में अपने भी तो है बेहद सारे फिर भी किससे फरियाद करूँ मसरूफ कुछ …
Read more**""" ज्येष्ठ की दुपहरी"""** जलती तपती भरी दुपहरी रवि की किरणे तीक्ष्ण सुनहरी तपन से जन आकुल हो रहे पेड़ पौधे न…
Read more***बेटों को बचाना होगा*** घर आंगन आज हुये सूने टूटे हुये कुछ खेल खिलौने गुड्डों को सहेज लाना होगा अब बेटों को बचाना होगा गृह,सदन का बोझ उठात…
Read more****पिता**** जीवन की इक आस है पिता ऋतुओं में है मधुमास पिता आजीवन कर्म करता है पिता कर देता सब कुछ क़ुर्बान पिता वट वृक्ष से छायादार पिता हो…
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