*"महावीर प्रसाद द्विवेदी"* रायबरेली की माटी में जन्मे ज्ञान के दीप बनकर चमके हिंदी साहित्य के थे ज्ञाता सरस्वती पत्रिका के निर्माता …
Read moreएक रोमांटिक कविता हिंदी में// फिर चले आओ बुझ गये ये दीपक सारे आकर इसे तुम जलाओ ना बिखरा पड़ा तिमिर सदन में इसे अब दूर हटाओ ना उग आई गमले में …
Read moreमित्रता दिवस पर एक कविता // मित्रता रिश्ता ये है सबसे न्यारा कभी अपनापन कभी सहारा सुख दुख को यूं बांट लेते उदास लबों पर मुस्कान देते दोस्…
Read more****माता रानी**** कुमकुम भरे पग से चलके द्वारे फिर आई माँ शेरावाली सज गये घर और अँगना बाजे पायल खनके कंगना कोई झोली ना रहे खाली भर देगी मा…
Read more*सनातन* सनातन, जो आदि है, अनंत है, काल से परे अस्तित्व जीवंत है। न किसी ने बनाया,न मिट सकेगा, शाश्वत सत्य का ये ऐसा ग्रंथ है। वेदों की ऋचाओं में …
Read moreबरसात और प्रिय की याद दिलाती कविता // बारिश और तुम बारिश की ये सतरंगी बूँदें याद तुम्हारी ही लाती है छम छम कर यूँ बरसे बदरा आज बरखा भी इठलाती ह…
Read moreमाँ की ममता को प्रदर्शित करती एक कविता // माँ की ममता …
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