एक सुंदर प्रेम कविता // नया आधार
एक नया जीवन आधार बनें 
इक ऐसा सुंदर संसार बनें
तेरा मेरा प्रीत प्यार सजे 
दुनिया मेरी कुछ खास बनें

छूट जाये हर दुश्वारी 
बँधे प्रीत की डोर न्यारी
ओढ़ा देना चुनर कोरी
कसकर बाँध दे प्रीत डोरी

थाम ले कोमल करावली
आई ऋतु सुंदर सुहावनी 
बहते है असुवन के धारे
काले, गहन नयन कजरारे

उड़ चला हिय का परिंदा 
नभ में हर्षित पंख बिखराये 
गगन सी ओढ़ ली चुनरिया 
आँचल में सजा सहस्त्र तारे 

छम छम करे नुपूर दीवानी
बन जाये दिलकश कहानी
हिय में इक अनुराग समाया
तेरे सिवा कोई न दिखलाया।