बेटी के कन्यादान पर एक सुंदर कविता // कन्यादान मंडप सजा , शहनाई बजी बाबा की पगड़ी खाली पड़ी हल्दी लगी है, मेहंदी रची नज़रें ये बाब…
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मोहिनी एकादशी पर कविता// मोहिनी एकादशी वैशाख शुक्ल एकादशी आई मोहिनी एकादशी कहाई समुद्र मंथन जब पूर्ण हुआ अमृत कलश की बारी आई देव-दानव …
Read moreभगवान नृसिंह पर एक कविता// भगवान नरसिंह हिरण्यकशिपु अत्याचार बढ़ा धरती पर हाहाकार मचा भक्त प्रह्लाद को दीन्हीं पीड़ा तब बैकुंठ था…
Read moreमजदूर के जीवन पर एक कविता// वह मजदूर है// नित भोर होते ही घर से इक आस लिये निकल पड़ता न कोई सुध भूख प्यास की कार्य निरंतर करता रह…
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