बाबा को बेटी की पुकार करती एक सुंदर कविता // बाबा


===बाबा===

बाबा  ऐसो   वर ढूँढो 
जहाँ  प्रीत   प्रेम होय 
दर्द सा मिले ना कभी 
अखियाँ  भी  ना रोय 

बाबा   ऐसो   वर ढूँढो 
मन  में   प्रेम    अपार 
ना धन दौलत से तोले
रिश्ता  ना  हो व्यापार 

बाबा  ऐसो वर ढूँढो 
न  चाहूँ गाड़ी महल 
प्रेम से घर मेरा सजे
बने यूँ हिम्मत संबल

बाबा ऐसो वर ढूँढो 
करे माँ का सम्मान 
न छूटे बाबुल देहरी 
हो  सदा  मेरा मान

बाबा    ऐसो   वर  ढूँढो 
न  रोके    कभी   उड़ान 
जब  खुलके जीना चाहूँ 
बन    जाये    आसमान 

बाबा     ऐसो   वर  ढूँढो 
समझे   हिय   का  भार 
लोभी,  निर्मम  ना   बने  
दे   प्रेम     का   उपहार

बाबा  ऐसो  वर ढूँढो 
रहे  अंतस  से इंसान 
बेटी को बोझ न माने 
लक्ष्मी कह लाये द्वार

बाबा  ऐसो  वर ढूँढो 
टूटे    न    प्रेम   रीत
हँसते ही जीवन बीते 
जैसे   मधुर   संगीत 

बाबा    ऐसो वर ढूँढो 
न  कभी  उठाये हाथ 
न दुख, दर्द दे सताये 
प्रेम, नेह   रहे   साथ

बाबा  ऐसो   वर ढूँढो 
बने   जो  सदा   मित्र 
महके  जीवन बगिया 
जैसे   महकता   इत्र 

बाबा   ऐसो   वर ढूँढो 
समझे   हिय  की पीड़ 
मैं भी इक चिड़िया सी 
छोड़  चली    जो नीड़ 

बाबा  ऐसो  वर   ढूँढो 
सजा   दे  लाल  चुनर 
छूटे   जो  तेरा अँगना 
ना पहना दे वो कफ़न 

बाबा  ऐसो   वर ढूँढो 
पिता  सा   करे दुलार 
करें   सदा  रक्षा  मेरी 
सजा आँचल में प्यार।