रक्षाबंधन पर एक सुंदर कविता // रक्षाबंधन

रक्षाबंधन पर एक सुंदर कविता // रक्षाबंधन  कलाई सजा ये सुंदर धागा  धागा   नहीं, प्रेम की डोरी बचपन  की   हँसी लड़ाई रुठना मनाना माँ की लोरी वो   तेरा   छुप…

Read more

श्री राम

श्री राम  चरणों में जिनके शीश झुके वही तो करुणा के धाम हैं मन दर्पण सदा बसते वे केवल मेरे प्रभु राम हैं। हनुमंत हृदय में राम बसते  हृदय को चीर के बतलाया  …

Read more

माता रानी

****माता रानी**** कुमकुम भरे पग से चलके द्वारे फिर आई माँ शेरावाली  सज गये घर और अँगना बाजे पायल खनके कंगना कोई झोली ना रहे खाली  भर देगी मा…

Read more

सनातन धर्म

*सनातन* सनातन, जो आदि है, अनंत है, काल से परे अस्तित्व जीवंत है। न किसी ने बनाया,न मिट सकेगा, शाश्वत सत्य का ये ऐसा ग्रंथ है। वेदों की ऋचाओं में …

Read more

बरसात और प्रिय की याद दिलाती कविता // बारिश और तुम

बरसात और प्रिय की याद दिलाती कविता // बारिश और तुम बारिश की ये सतरंगी बूँदें  याद तुम्हारी ही लाती है  छम छम कर यूँ बरसे बदरा  आज बरखा भी इठलाती ह…

Read more

स्वामी दयानंद सरस्वती पर कविता // स्वामी दयानंद सरस्वती

स्वामी दयानंद सरस्वती पर कविता // स्वामी दयानंद सरस्वती  आर्य समाज संस्थापक वे थे एक समाज सुधारक  शिव के गहन उपासक वे वेदो के परिचायक ग्रंथ का…

Read more

बुद्ध के अनमोल विचार

बुद्ध के अनमोल विचार  १  जीवन में संयम का होना आवश्यक है , ठीक उसी प्रकार जैसे स्वादिष्ट भोजन को करते समय उसकी मात्रा न जानना अपच …

Read more

भाग्य और कर्म का महत्व बतलाती एक शानदार कविता//भाग्य/मुक़द्दर

भाग्य और कर्म का महत्व बतलाती एक शानदार कविता//भाग्य/मुक़द्दर  कर्म कर आगे बढ़  हार से कभी ना डर  मंजिल की आस कर मुकद्दर तू तलाश कर  कर्म को प…

Read more

नोबेल पुरस्कार विजेता गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर पर कविता// गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर

नोबेल पुरस्कार विजेता गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर पर कविता// गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर  जनगणमन के थे रचियता  गाँधीजी को कहते पिता द…

Read more

प्रभु जगन्नाथ को समर्पित एक रचना// जय जगन्नाथ

प्रभु जगन्नाथ को समर्पित एक रचना// जय जगन्नाथ  सुंदर सुशोभित रथ  विराजे  संग  बलभद्र  सुभद्रा साजे नयनों   से   कृपा  बरसाये  रमणीय छबि प्रभु …

Read more

सात फेरों पर एक सुंदर कविता// अग्नि के सात फेरे

सात फेरों पर एक सुंदर कविता// अग्नि के सात फेरे रिश्तो  को  कर देता गहरा  सर  पर  चुनर  माथे सेहरा  आंचल  में  बँधे  सपने मेरे हुये जब अग्नि क…

Read more

बाल श्रम

*"विश्व बाल श्रम निषेध दिवस* मासूम हाथ आई कुल्हाड़ी कैसी ये मजबूरी लाचारी  गुड्डे,गुड्डी खिलौने छूटे  हजारों थे वो सपने टूटे जीवन बीते जैसे परीक्षा न…

Read more