आर्य समाज संस्थापक वे
थे एक समाज सुधारक
शिव के गहन उपासक वे
वेदो के परिचायक
ग्रंथ का प्रचार किया
था संस्कृत भाषा ज्ञान
तर्कों से विचार किया
करुणा मान सम्मान
सत्य अहिंसा अपनाया
दिखलाई नई राह
पाखंड को परे हटाया
जन कल्याण की चाह
समाज सुधार सती प्रथा
बाल विवाह,का खंडन
नारी शिक्षा हिंदी भाषा
सर्वशिक्षा समर्थन
हत्या के षड्यंत्र रचे
हाथ लगा फिर अपयश
हिम्मत,आस तब न ढले
जीवन बना संग्राम
आर्य भाषा बनाया
हिंदी का परे स्वरूप
रचित सत्यार्थ प्रकाश
यह कृतियां थी प्रमुख
उठो जागो नव्य युग में
आज करो प्रवेश
महर्षि दयानंद की शिक्षा
जन को दिया संदेश।
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