दहेज की आग में झुलसते रिश्ते पर एक कविता हिंदी में // दहेज की आग

दहेज की आग में झुलसते रिश्ते पर एक कविता हिंदी में                  // दहेज की आग// बाबुल का घर आंगन छोड़के घर पिया के चली आई थी नैनों में थे …

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प्रभु श्री राम पर एक कविता।। दिल में बसे सियाराम

प्रभु श्री राम पर एक कविता।। दिल में बसे सियाराम दिल में बसे सियाराम चरणों में जिनके शीश झुके वही तो करुणा के धाम हैं मन दर्पण …

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एक प्रेम भरी प्यारी सी कविता हिन्दी में // संग तेरे //

एक प्रेम भरी प्यारी सी कविता हिन्दी में // संग तेरे // पवन तू है किस ओर चली  संग तेरे में भी बढ़ चली  जाने कौन सा देश मेरा तिमिर स…

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दूर सितारे

**** दूर सितारे**** कितने दूर ये सितारे हैं   नयनों को जो भी प्यारे है जल रहा यूं दीपक फिर भी  सदन में अजब नजारें है जगमगाता …

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