रक्षाबंधन पर एक सुंदर कविता // रक्षाबंधन कलाई सजा ये सुंदर धागा धागा नहीं, प्रेम की डोरी बचपन की हँसी लड़ाई रुठना मनाना माँ की लोरी वो तेरा छुप…
Read moreश्री राम चरणों में जिनके शीश झुके वही तो करुणा के धाम हैं मन दर्पण सदा बसते वे केवल मेरे प्रभु राम हैं। हनुमंत हृदय में राम बसते हृदय को चीर के बतलाया …
Read moreस्वामी दयानंद सरस्वती पर कविता // स्वामी दयानंद सरस्वती आर्य समाज संस्थापक वे थे एक समाज सुधारक शिव के गहन उपासक वे वेदो के परिचायक ग्रंथ का…
Read moreभाग्य और कर्म का महत्व बतलाती एक शानदार कविता//भाग्य/मुक़द्दर कर्म कर आगे बढ़ हार से कभी ना डर मंजिल की आस कर मुकद्दर तू तलाश कर कर्म को प…
Read moreनोबेल पुरस्कार विजेता गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर पर कविता// गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर जनगणमन के थे रचियता गाँधीजी को कहते पिता द…
Read moreप्रभु जगन्नाथ को समर्पित एक रचना// जय जगन्नाथ सुंदर सुशोभित रथ विराजे संग बलभद्र सुभद्रा साजे नयनों से कृपा बरसाये रमणीय छबि प्रभु …
Read moreसात फेरों पर एक सुंदर कविता// अग्नि के सात फेरे रिश्तो को कर देता गहरा सर पर चुनर माथे सेहरा आंचल में बँधे सपने मेरे हुये जब अग्नि क…
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