किताबें 
मेज पर रखी कुछ किताबें 
खामोशी कुछ सवाल करती 
कभी मुस्कुरा के बरबस  ही 
किताबें भी बात करती हैं 

बना देती इक आधार नया 
किताबों से है संसार सजा 
मेरी किताबें संसार मेरा 
संग इनके होता सवेरा 

किताबें होती सुंदर पुष्पों सी
जीवन बगिया महका जाती 
होती कुछ अटूट रिश्तों सी
जीवन भर का साथ निभाती

किताबों    में    ज्ञान   समाया
अंतस को एक अलख जगाया
जीवन  बदल  गया  है उसका
जिसने किताब को अपनाया 

ज्ञान, समृद्धि  संसार  नया
होता किताब के भीतर भरा
कर  देती जीवन  उजियारा
चमक उठता प्रखर रवि न्यारा

किताबें इक पहचान दिलाती
भीड़ से उसे अलग बनाती
सीखो यूँ अक्षर ज्ञान सारा
किताबें होती जीवन सहारा