भगवान महावीर स्वामी पर एक कविता
सत्य अहिंसा के पथ यूँ चलके
मार्ग एक नया दिखलाया
चौबीसवें तीर्थंकर कहाये
तिमिर में आलोक जगाया
महावीर स्वामी वाणी से,
सत्य का प्रकाश फैला गया।
जैन धर्म प्रवर्तक बनके
जग का दुख दर्द दूर हुआ
वैराग्य की अग्नि में तपते
कर्म के बंधन ही तोड़े हैं।
ज्ञान की पुनीत ज्योति जलाके
मोक्ष के मार्ग जोड़े है
अहिंसा के थे पुजारी बने
सब जीवों को यूँ प्यार किया।
सत्य और न्याय के लिए सारा
योगदान दे उपकार किया
महावीर स्वामी की जय हो,
जय हो सत्य ,अहिंसा दूत की।
सत्य,अहिंसा का सरल पथ दिखा
तब जागृति अलख जगाया
महावीर के चरणों में यूँ,
नमन मेरा बार-बार है
सिखाया है जग, संसार को
सत्य, अहिंसा का ही सार है।
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